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Krishna And Mahabharat

आज हमारी समझ, हमारे अनुभव में जाति व्यवस्था एक माध्यम बन गया है - शोषण और भेदभाव का। मगर जब यह व्यवस्था बनाई गई थी, तब यह कोई भेदभाव पैदा करने का साधन नहीं था। इसका मकसद समाज में ऐसी व्यवस्था लाना था ताकि समाज सुचारू रूप से चल सके। लोगों के अलग-अलग समूहों के लिए अलग-अलग कार्य हों ताकि समाज के हर पहलू को संभाला जा सके और हर कोई वह काम करे जिसे किए जाने की जरूरत हो।

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